उत्तर प्रदेश

लखनऊ सहित यूपी में कमजोर मानसून का असर, 25% कम बारिश से बढ़ी चिंता

nidhi
31 July 2026 8:44 AM IST
लखनऊ सहित यूपी में कमजोर मानसून का असर, 25% कम बारिश से बढ़ी चिंता
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उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, कम बारिश को लेकर मौसम विभाग ने किया बड़ा खुलासा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में अब तक सामान्य से करीब 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी गतिविधियों में कमी और मौसम प्रणालियों के कमजोर रहने के कारण प्रदेश में वर्षा की स्थिति प्रभावित हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ की स्थिति, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाओं की सक्रियता में कमी जैसे कई कारणों से प्रदेश में अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी।
मानसून की कमजोर सक्रियता बनी वजह
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कम बारिश के पीछे सबसे बड़ा कारण मानसून सिस्टम का अपेक्षाकृत कमजोर रहना है। कई बार बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र प्रदेश तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पाए, जिससे बारिश का वितरण असमान रहा।
कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
कम बारिश का असर खेती-किसानी पर भी देखने को मिल रहा है। खरीफ फसलों, खासकर धान की खेती के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी होती है। बारिश में कमी के कारण कुछ क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है।
कृषि विभाग किसानों को मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दे रहा है।
लखनऊ में भी बारिश की कमी
राजधानी लखनऊ में भी मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर रही है। शहर में कई बार बादल छाने के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं हुई। इससे उमस और गर्मी का असर बना हुआ है।
हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है।
IMD ने बताया आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून पूरी तरह निष्क्रिय नहीं है और आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग जिलों में वर्षा की तीव्रता में अंतर देखने को मिलेगा।
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
जल संकट और गर्मी का असर
बारिश में कमी का असर जल स्रोतों और तापमान पर भी पड़ सकता है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भूजल स्तर और खेती से जुड़ी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अचानक होने वाली तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर सावधानी बरतें। मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है।
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